All BlogsSanatan

भगवान शिव को क्यों कहा जाता है नीलकंठ? जानिए कारण

Vivek Shukla05 Jun 2023 • 1 min read
Share
Views3721

भगवान शिव शंकर को हिंदू धर्म में प्रमुख देवताओं में से एक माना जाता है। उनके गले में नाग लटकाए हुए हैं, हाथों में डमरू और त्रिशूल लिए हुए हैं। भगवान शिव को हम अनेक नामों से जानते हैं, जैसे महादेव, भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र और नीलकंठ। इन नामों के कई मतलब हैं। नीलकंठ का एक प्रसिद्ध नाम होने के पीछे कहानी है जिसे आज हम आपके साथ साझा करने जा रहे हैं।

पुराणों के अनुसार, देवता और राक्षसों के बीच एक बार अमृत को प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन किया गया था, जिसे हम क्षीरसागर (दूध के समुद्र) कहते हैं। इस मंथन के दौरान, 14 महत्वपूर्ण रत्न प्रकट हुए, जैसे लक्ष्मी, शंख, कौस्तुभ मणि, ऐरावत, पारिजात, उच्चैःश्रवा, कामधेनु, कालकूट, रम्भा नामक अप्सरा, वारुणी मदिरा, चन्द्रमा, धन्वन्तरि, अमृत और कल्पवृक्ष।

उन्होंने समझ लिया कि इन रत्नों की मदद से अमृत प्राप्त किया जा सकता है, जिससे अनन्त जीवन प्राप्त हो सकता है।

इस प्रकार, देवता और राक्षसों ने समुद्र मंथन को जारी रखा और अमृत को प्राप्त करने की कोशिशें जारी रखीं। लेकिन, इस प्रक्रिया के दौरान विष भी प्रकट हुआ। यह विष अत्यंत विषाकारी था और उसकी एक बूंद मात्र ही पूरे संसार को नष्ट करने की शक्ति रखती थी। जब देवता और राक्षस इस बात की जानकारी प्राप्त कर ली,वे भयभीत हो गए और इसका समाधान खोजने के लिए भगवान शिव के पास पहुंचे।

भगवान शिव ने एक उपाय निकाला, जिसके अनुसार उन्हें इस विष को पूरी तरह से पीना था। शिव जी ने विष भरे हुए घड़े को उठाया और अचानक पूरा उसे पी गए, लेकिन वे इस विष को गले में निगलने वाले नहीं थे। उन्होंने इस विष को अपने गले में ही रख लिया। इसलिए उनके गले का रंग नीला पड़ गया और उनका नाम नीलकंठ पड़ा।
पूजा के लिए पुरोहित की बुकिंग अब बस कुछ ही क्लिक दूर है। बस हमारी वेबसाइट pujapurohit.in पर लॉग ऑन करें या प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से पूजा पुरोहित ऐप डाउनलोड करें, अपनी पसंदीदा भाषा और स्थान चुनें, अपना वांछित पंडित चुनें, तिथि और समय चुनें और आपका काम हो गया। हमारे पुरोहित निर्धारित तिथि और समय पर आपके दरवाजे पर पहुंचेंगे और अत्यंत समर्पण और भक्ति के साथ पूजा करेंगे। अभी बुक करें और दिव्य आशीर्वाद का अनुभव करें।

Related Posts

भगवान शिव को क्यों कहा जाता है नीलकंठ? जानिए कारण
Sanatan05 Jun 2023 • —

भगवान शिव को क्यों कहा जाता है नीलकंठ? जानिए कारण

जाने भगवान शिव को क्यों कहा जाता है नीलकंठ, कैसे पड़ा महादेव का यह नाम, यहां पढ़े

Diwali 2023: Know the exact dates and puja timings of Diwali celebrations
Popular10 Nov 2023 • —

Diwali 2023: Know the exact dates and puja timings of Diwali celebrations

Explore the vibrancy of Diwali 2023, covering the essence of each of the 5 days from Dhanteras to Bhai Dooj. Discover Lakshmi Puja timings, ensuring you don't miss a moment of the festive splendor. Immerse yourself in the rich traditions and auspicious rituals that make this Deepawali truly special.

Kaal Sarp Dosh Nivaran Puja 2026: Complete Booking Guide, Vidhi, Samagri List & Muhurat
Vedic Astrology14 Apr 2026 • —

Kaal Sarp Dosh Nivaran Puja 2026: Complete Booking Guide, Vidhi, Samagri List & Muhurat

Book verified Pandits for Kaal Sarp Dosh Nivaran Puja, Rahu-Ketu Shanti, Navagraha Havan and Nagdevata Puja anywhere in India

Is AI Astrology Accurate Free AI Astrologer Guide 2026
Astrology07 Aug 2026 • —

Is AI Astrology Accurate Free AI Astrologer Guide 2026

Is AI astrology accurate? The chart calculation is exact mathematics; the reading is judgement. An honest guide to free AI astrologers, AI kundli and what they cannot do.

Solar Eclipse 2023: The first solar eclipse of the year is going to happen in April
Sanatan25 Mar 2023 • —

Solar Eclipse 2023: The first solar eclipse of the year is going to happen in April

Solar Eclipse 2023: जब भी पृथ्वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2023) लगता है.

Your spiritual need,
just a tap away.

Footer decorative image