All Blogs

Raksha Bandhan 2024 :भद्राकाल में राखी क्यों नहीं बांधनी चाहिए?

Ajit Singh12 Aug 2024 • 1 min read
Share
Views1255

Raksha Bandhan 2024

Raksha Bandhan 2024 : ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस साल 19 अगस्त को शुभ संयोग के साथ रक्षाबंधन के मौके पर भद्रा का साया रहेगा। हिंदू धर्म में भद्राकाल में मांगलिक कार्यों की मनाही होती है।

Raksha Bandhan 2024 Kab Hai : इस साल सावन माह के आखिरी दिन यानी 19 अगस्त 2024 को सोमवार के दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में रक्षाबंधन को भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम के प्रतीक का पर्व माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं और उनके सुखी और लंबे आयु की मनोकामना करती हैं। वहीं, भाई जीवनभर अपने बहनों की रक्षा करने का वचन लेते हैं। हर साल सावन माह शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। इस साल भी भद्रा के साये में राखी मनाई जाएगी। आइए जानते हैं रक्षाबंधन का सही डेट, शुभ मुहूर्त, भद्राकाल मुहूर्त और इस मुहूर्त में राखी क्यों नहीं बांधना चाहिए?

रक्षाबंधन की सही तिथि : दृक पंचांग के अनुसार, इस साल रक्षाबंधन का आरंभ 19 अगस्त को सुबह 03 बजकर 44 मिनट पर होगा और देर रात 11 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगा। इसलिए उदयातिथि के अनुसार, इस साल 19 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। रक्षाबंधन के मौके पर सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और धनिष्ठा नक्षत्र समेत कई शुभ संयोग का निर्माण होगा।

भद्रा का रहेगा साया: इस वर्ष भद्रा के साए में राखी मनाई जाएगी। सुबह 05 बजकर 53 मिनट पर भद्राकाल का आरंभ होगा और दोपहर 01 बजकर 32 मिनट पर समापन होगा।

राखी बांधने का बेस्ट टाइम : इस पावन मौके पर बहनें अपने भाई को दोपहर 01:32 पीएम से लेकर शाम 04 बजकर 20 मिनट तक राखी बांध सकती हैं।

भद्राकाल में क्यों नहीं बांधना चाहिए राखी? पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा भगवान सूर्य और उनकी पत्नी छाया की कन्या हैं और शनिदेव की बहन हैं। मान्यता है कि दैत्यों को मारने के लिए भद्रा गर्दभ के मुख, लंबी पूंछ और 3 पैरयुक्त उत्पन्न हुई थी। जन्म लेते ही भद्रा यज्ञ, जप-तप और मांगलिक कार्यों में विघ्न-बाधा पहुंचाने लगी। उनके स्वभाव को देखकर सूर्यदेव को उनके विवाह की चिंता सताने लगी। सभी ने सूर्यदेव के विवाह प्रस्ताव को ठुकरा दिया। सूर्यदेव ब्रह्माजी से सलाह मांगने पहुंचे। ब्रह्माजी ने भद्रा को आकाश मंडल में स्थित होने की आज्ञा दी और एक निश्चित समय पर पृथ्वी पर विचरण करने की अनुमति दी। इसलिए भद्रा जब भी पृथ्वी पर आती है, तो इस अवधि को भद्राकाल कहा जाता है। ब्रह्माजी ने कहा-अगर कोई व्यक्ति भद्राकाल के दौरान गृह प्रवेश समेत अन्य मांगलिक कार्य करता है, तो तुम उन्हीं के कार्य में विघ्न डालो। जो तुम्हारा सम्मान न करें, तुम उनके कार्य में बिगाड़ देना। तब से भद्राकाल में मांगलिक कार्यों की मनाही होने लगी।

पूजा के लिए पुरोहित की बुकिंग अब बस कुछ ही क्लिक दूर है। बस हमारी वेबसाइट pujapurohit.in पर लॉग ऑन करें या प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से पूजा पुरोहित ऐप डाउनलोड करें, अपनी पसंदीदा भाषा और स्थान चुनें, अपने पसंदीदा पंडित का चयन करें, तिथि और समय चुनें और आपका काम हो गया। हमारे पुरोहित निर्धारित तिथि और समय पर आपके दरवाज़े पर पहुँचेंगे और पूरी लगन और भक्ति के साथ पूजा करेंगे। अभी बुक करें और दिव्य आशीर्वाद का अनुभव करें।

Related Posts

गणेश चतुर्थी 2023 : जाने तिथि, पूजा के लाभ व शुभ मुहूर्त
Popular13 Sept 2023 • —

गणेश चतुर्थी 2023 : जाने तिथि, पूजा के लाभ व शुभ मुहूर्त

गणेश चतुर्थी का त्योहार 19 सितंबर से 28 सितंबर, 2023 तक मनाया जाएगा। भक्तों को भक्ति के साथ अनुष्ठान करना चाहिए और मूर्ति स्थापना और विसर्जन के लिए विशिष्ट समय का पालन करना चाहिए।

Bihar's Cultural Renaissance: Nitish government will promote sanatan dharma in 38 district
Religion01 Dec 2025 • —

Bihar's Cultural Renaissance: Nitish government will promote sanatan dharma in 38 district

Explore the Bihar government's landmark initiative under CM Nitish Kumar to preserve and promote Sanatan Dharma. Learn how the appointment of Mahants as district coordinators aims to rejuvenate rituals, culture, and community engagement across the state's 2,499 temples.

Dhanteras 2025 Date and Muhurat: Rituals, Significance, and Puja Booking Guide with pujaPurohit
Dhanteras15 Oct 2025 • —

Dhanteras 2025 Date and Muhurat: Rituals, Significance, and Puja Booking Guide with pujaPurohit

Discover the Dhanteras 2025 date, puja muhurat, rituals, and significance. Learn what to buy for good luck and how to book a verified pandit for an authentic Dhanteras puja at home with pujaPurohit.

Online Pind Daan in Gaya 2026: Booking, Price ₹3,500, Ritual Steps & Guide
Mandir visit03 Sept 2026 • —

Online Pind Daan in Gaya 2026: Booking, Price ₹3,500, Ritual Steps & Guide

Book Online Pind Daan in Gaya for ₹2,700 all-inclusive. Complete ritual at Falgu River, Vishnupad Temple & Akshay Vat performed by Gayawal Pandits with live video call & full recording.

Baidyanath Dham VIP Darshan Hindi
Mandir visit13 Mar 2026 • —

Baidyanath Dham VIP Darshan Hindi

देवघर में बैद्यनाथ धाम मंदिर में वीआईपी दर्शन बुकिंग के लिए संपूर्ण गाइड। इसमें शीघ्र दर्शन पास की कीमतें, मंदिर का समय, रुद्राभिषेक बुकिंग और शांतिपूर्ण तीर्थयात्रा के लिए सुझाव शामिल हैं।.

Your spiritual need,
just a tap away.

Footer decorative image